Wednesday, 9 October 2013

आखिर कहाँ - कहाँ है आसाराम बापू....?

ब्रह्मवेता अवतारी महापुरुषों को कोई कब तक सिमाओ में बाँध सकता है? आशाराम को "तमाशाराम" बोलने वाले कान खोल के सुन लो...
तमाशा तो तुम्हारा होने वाला है क्योंकि परम पुज्य संत श्री आशारामजी बापू ने अपनी लीला प्रारम्भ कर दी है! यह घटना दिनांक 25/09/2013 कि रात्रि क़रीब 8:45 की है..






 पूज्य बापुजी को राजस्थान 
के डुंगरपुर, सागवाडा, गोरेश्वर आश्रम के रोड पर, बापुजी को हाथ में टॉर्च लिये 7 लोगो ने दर्शन किए और दर्शन कर के वो लोग हतप्रभ रह गए कि बापुजी जोधपुर जेल में है कि गोरेश्वर में???
बापू ने उन पर टॉर्च का प्रकाश डाल कर हालचाल पूछें !

जीन्हे दर्शन हुए वे साधक नही थे! उन्ही लोगो ने यह अफवाह फैला दी कि बापुजी जोधपुर जेल से फरार हो के गोरेश्वर आश्रम में है! तब आश्रम के साधको ने पता किया तो हकीकत सामने आयी कि वास्तव में उन लोगो ने पुज्य बापुजी के दर्शन किए! जिनमें किशन पाटिदार (09571931868) ने भी पुज्य श्री के दर्शन किए.

आखिरकार भ्रष्ट नेता, भ्रष्ट पोलिस व भ्रष्ट सरकार कितने बापूओ को जेल में बंद कर पायेगी?
क्योकि बापु एक अवतारी पुरुष है और बापु सर्वज्ञ है!

जो मीडिया यह कहती है कि बापू को भोजन के बाद 10x10 कि रूम में टहलना पड रहां है वो जरा आँकलन कर ले कि जोधपुर से गोरेश्वर की दूरी कितनी है?
परम पुज्य संत श्री आशारामजी बापू को किसी दायरे व सीमा में सीमित मानना मीडिया व सरकार की मूढता है
हनुमान भी मर्यादा का पालन करने के लिए ब्रह्मास्त्र से बंध गए थे उसी मर्यादा के कारण राम ने वानरों को हाथ जोड़े थे! ठीक उसी तरह बापुजी का जेल जाना विवशता नही, अपितु मर्यादा का पालन है !

हम सभी भारतवासी, सरकार से करबद्ध निवेदन करते है कि बापुजी को जल्द से जल्द रिहा करे और माफी माँगे!
अन्यथा "विनाशकाले विपरीत बुद्धि".